प्रिंटर कितने प्रकार के होते है? – Types of Printer in Hindi

प्रिंटर एक आउटपुट डिवाइस है जो पिक्चर्स, सिम्बल और ग्राफिक्स को पेपर पर छापता है। प्रिंटर से प्रिंट किये हुए सॉफ्ट कॉपी को हार्ड कॉपी कहते है। क्योंकि हार्ड कॉपी परमानेंट फॉर्म में रहता है। प्रिंटर्स को उनके मैकेनिस्म के आधार पर बाटा गया है। प्रिंटर्स को इम्पैक्ट प्रिंटर और नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर के कैटेगरी में रखा गया है।

प्रिंटर कितने प्रकार के होते है? - Types of Printer in Hindi

इम्पैक्ट प्रिंटर

इम्पैक्ट प्रिंटर कुछ हद तक टाइपराइटर की तरह काम करता है। जिसमे needle या print head कागज या ink ribbon से टकराता है।जिससे की पेपर पर मार्क पड़ सके। इम्पैक्ट प्रिंटर भी कई तरह के होते है।

1. डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर

डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर में कई पिनो का एक मैट्रिक्स होता है। जो कागज में डॉट करता है और सभी डॉट्स मिलकर एक कैरेक्टर बनाते है। ठीक इसी तरीके से इसका प्रिंट काम करता है। इस प्रिंटर में फैन-फोल्ड कंटीन्यूअस पेपर का इस्तेमाल होता है। जो ट्रेक्टर होल के साथ आते हैं। इसमें काफी तेज आवाज और स्लो प्रिंटिंग के प्रॉब्लम के साथ, poor print quality और lower resolution graphics की कमियाँ है। ये सिर्फ कुछी कलर्स में ही प्रिंट कर सकता है।

2. डेजी व्हील प्रिंटर

डेजी व्हील प्रिंटर एक धातु या प्लास्टिक डिस्क का उपयोग करता है। जिसमे अक्षर, संख्या और अलग कई चीजें छपी होती है। इसका नाम डेजी इसलिए रखा है क्योंकि इसे देखने पर ये डेजी फ्लावर या गुलबहार फूल की तरह दिखता है। एक करैक्टर को छापने के लिए प्रिंटर डिस्क को तबतक घूमाता है जबतक सारे करैक्टर की छाप पेपर पर नहीं आ जाते। फिर एक हथौड़ा के ink ribbon और करैक्टर पर हिट करते है। और पेपर पर करैक्टर छप जाते है। इसे बहुत कम ही इस्तेमाल किया जाता है। डेजी व्हील प्रिंटर तेज़ आवाज और धीमी गति वाले प्रिंटर है। ये graphics को प्रिंट नहीं कर सकता है। और इसकी प्रिंट quality बहुत कम है।

3. ड्रम प्रिंटर

ड्रम प्रिंटर में करैक्टर को एक फिजिकल ड्रम में उभरा रहता है। जब छपने वाले करैक्टर को सेट करके उन्हें हैमर लाइन में घुमाया जाता है तब हैमर पेपर को पीछे से हिट करता है। और रिबन में करैक्टर को धकेल दिया जाता है। इसमें कई हैमर होते है जिससे पूरे ड्रम पर एक समान करैक्टर को एक बार में ही प्रिंट करा जाता है। और इसी तरह ये एक-एक करके बहुत तेजी से प्रिंट्रिंग करता है।पर इसकी भी अपनी कमियां है। जैसे की ये काफी आवाज करता है और graphics को नहीं छाप सकता है। इसकी quality भी अच्छी नहीं होती।

4. चैन प्रिंटर

चैन प्रिंटर प्रिंट करने के लिए चैन का इस्तेमाल करती है। चैन की हर कड़ियों में अलग-अलग करैक्टर छपा होता है। और सभी के पीछे हैमर लगे होते हैं। प्रिंटर के चैन काफी तेजी से घूमती है। छपने वाले करैक्टर जब पेपर को फेस करते है तब पीछे से प्रिंट हैमर रिबन पर हिट करता है और इसी तरह से चैन प्रिंटर छपाई करता है। चैन प्रिंटर काफी तेज इम्पैक्ट प्रिंटर है जो 400 से 2500 करैक्टर पर सेकंड की स्पीड से प्रिंट करता है।चैन प्रिंटर को लाइन प्रिंटर भी कहते है। पर ये भी काफी आवाज करते है। और इनकी प्रिंटिंग क्वालिटी भी अच्छी नहीं होती है। और इससे ग्राफिक्स नहीं प्रिंट होगा।

नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर

नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर में लेजर से प्रिंटिंग होती है। जिसकी वजह से इसकी प्रिंटिंग क्वालिटी अच्छी होती है। नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर भी कई तरह के होते है।

1. इंकजेट  प्रिंटर

इंकजेट प्रिंटिंग के मैकेनिज्म में प्रिंटहेड में कुछ छोटे-छोटे नोजेल्स होते है जिन्हे जेट्स भी कहते है। जैसे जैसे पेपर मूव करता है प्रिंटहेड नोजेल्स से इंक स्प्रे के रूप में करैक्टर और इमेजेज को प्रिंट करती है। इंकजेट प्रिंटर्स में केवल black, cyan, magenta और yellow रंग की इंक कार्ट्रिज होता है। इंजेक्ट प्रिंटर्स महँगे, हल्के और बिना नॉइस वाले होते है। इससे ग्राफिक्स की प्रिंटिंग हो सकती है। और इसकी प्रिंटिंग क्वालिटी भी अच्छी होती है।

2. लेजर प्रिंटर

लेजर प्रिंटर लेजर को यूटिलाइज करके ड्रम पर इमेज बनता है। लेजर की लाइट ड्रम को टकराती है और ड्रम पर इलेक्ट्रिकल चार्ज आल्टर करता है। जिसके बाद ड्रम एक रिजर्वायर टोनर से होकर गुजरता है। इलेक्ट्रिक चार्ज ड्रम टोनर को खींच लेता है, इतने हीट और प्रेसर के कारण करैक्टर पेपर पर प्रिंट हो जाते है। लेजर प्रिंटर्स को कभी-कभी पेज प्रिंटर्स भी कहते है। लेजर प्रिंटर्स बिना नॉइस के और फास्ट प्रिंटर होते है। इससे आप ग्राफिक्स की प्रिंटिंग कर पायंगे और इसकी प्रिंटिंग की रेसोलुशन भी हाई होती है।

3. थर्मल प्रिंटर

थर्मल प्रिंटर हीट और थर्मल सेंसिटिव पेपर का इस्तेमाल करते है। इस थर्मल पेपर को थर्मल हेड और platoon के बीच में रखा जाता है। platoon एक रबर रोलर होता है, जो पेपर से चिपका हुआ होता है। और प्रिंटर थर्मल हेड को इलेक्ट्रिक कर्रेंट भेजता है जो की हीट जनरेट करता है। और हीट के कारण थर्मल पेपर पर थर्मो सेंसटिव कलरिंग लेयर जम जाती है। थर्मल पेपर गर्म होकर रंग बदलते है और इसी तरह करैक्टर उभर जाते है। ये बिना नॉइस के और फास्ट होते है।और ये हल्के, छोटे और कम पावर कंज्यूम करने वाले प्रिंटर है। अक्सर ATM जैसे जगहों पर इसका इस्तेमाल किया जाता है।

4. डाई सब्लिमेशन प्रिंटर

डाई सब्लिमेशन प्रिंटर हीट का इस्तेमाल करके मैटेरियल जैसे की फैब्रिक, प्लास्टिक, कार्ड और पेपर को सुखाने में किया जाता है। डाई सब्लिमेशन प्रिंटर्स को फोटोग्राफिक्स प्रिंट्स, ID कार्ड्स, क्लोथिंग प्रिंट्स और कई सारी चीजों को छापने में किया जाता है।

5. 3डी प्रिंटर

3डी प्रिंटर्स का इस्तेमाल एक डिजिटल फाइल से, थ्री डाईमेंशनल सॉलिड ऑब्जेक्ट्स को प्रिंट किया जाता है। 3डी प्रिंटेड ऑब्जेक्ट्स को बनाने में additive processes का इस्तेमाल किया जाता है। एक additive processes में ऑब्जेक्ट्स को मटेरियल के लेयर को successive layers यानि की लेयर टू लेयर में 3डी प्रिंट किया जाता है।

6. मल्टीफक्शनल प्रिंटर

ऐसे प्रिंटर्स जिसमे सारे फंक्शन्स को एक साथ दिया गया हो, उन्ही को मल्टीफक्शनल कहते है। और इस मल्टीफक्शनल प्रिंटर में आपको फैक्स, स्कैनर और प्रिंटर जैसे सुविधाएँ मिल जाती है। अक्शर इसका इस्तेमाल फोटो कॉपी शॉप, ऑफिस और घरों में ज्यादा होता है। इस प्रिंटर में लेजर सिस्टम या फिर इंक्जेट सिस्टम का इस्तेमाल होता है।

निष्कर्ष

अभी तक आपको ये पता चल गया होगा की इम्पैक्ट प्रिंटर्स और नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर्स में क्याअंतर होगा। अक्सर आप इन सभी प्रिंटरों का इस्तेमाल करते आ रहे होंगे। पर आपको ये पता रहेगा की ATM की स्लिप और कॉलेज के लिए नोट्स या फिर मॉल से शॉपिंग की बिल में किस प्रिंटर का use हुआ है। फिलहाल आपको बतायी गयी प्रिंटर से जुडी जरूरी बाते पता है। अगर आपका कोई सुझाव या सवाल हो तो कमेंट बॉक्स में बताये।

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