J.R.D. Tata Biography in Hindi

जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा एक नॉन रेजिडेंट भारतीय एविएटर, इंडस्ट्रलिस्ट, Entreprenure तथा टाटा ग्रुप चेयरमैन थे। ये भारत के टाटा परिवार में जन्मे, वह बिज़नेस मैन रतनजी दादाभाई टाटा तथा सुजान आर डी टाटा के पुत्र थे। सुजान आर.डी.टाटा भारत में कार चलाने वाली पहली महिला थी। वर्ष 1929 में वह पहले लाइसेंसी पायलट बने। उन्होंने टाटा ग्रुप के अंडर कई उद्योगों के संस्थापक होने के लिए भी जाना जाता है। जिनमे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स, टाइटन इंडस्ट्रीज, टाटा साल्ट, वोल्टास तथा एयर इंडिया शामिल है। वर्ष 1983 में फ्रांस के Legion of honour अवार्ड तथा वर्ष 1955, 1992 में पद्म विभूषण और भारत रत्न से नवाजे गए।

शुरूआती जीवन

जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा का जन्म 29 जुलाई वर्ष 1904 में नॉन रेजिडेंट इंडियन पारसी परिवार में फ्रांस के पेरिस में हुआ था। वह रतनजी दादाभाई टाटा के दूसरी संतान थे। इनके पिता जमशेतजी जी टाटा के पहले कजिन थे। इनके एक बड़ी बहन सायला, एक छोटी बहन रोडाबेह तथा दो छोटे भाई दरब और जमशेद थे। जैसा की इनकी माँ फ्रेंच थीं इसलिए इनका बचपन फ्रांस में गुजरा परिणामतः फ्रेंच भाषा इनकी पहली भाषा बनी। उन्होंने जोंसन डे सैली पेरिस में दाखिला लिया। उनके स्कूल की एक टीचर उनको L’Egyptien नाम से बुलाते थे। उन्होंने कैथड्रॉल एंड जॉन कैनन स्कूल, मुंबई में भी अध्ययन किया। उन्होंने लंदन, जापान, फ्रांस और भारत आदि देशों में अपनी पढाई पूरी की।

J.R.D. Tata Biography in Hindi

जब उनके पिता ने टाटा कंपनी ज्वाइन की तब पूरा परिवार लंदन में रहने लगा। इसी समय में इनकी माँ की 43 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गयी जब इनके पिता भारत में तथा पूरा परिवार फ्रांस में था। उनकी माँ की डेथ के बाद, रतनजी दादाभाई टाटा ने यह निर्णय लिया की पूरा परिवार भारत में जाकर रहेगा तथा जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा को वर्ष 1923 में उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड भेज दिया। उन्होंने एक ग्रामर स्कूल में दाखिला लिया तथा कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग करने में उनकी रूचि थी। क्यूंकि वह फ्रांस के नागरिक थे इसलिए उन्हें फ्रांस की सेना में शामिल होना पड़ा। ग्रामर स्कूल तथा सेना में शामिल होने के बीच के समय में बहुत थोड़ा समय बॉम्बे में भी गुजारा। फ्रेंच सेना में अपना समय पूरा करने के बाद उनके पिता ने उन्हें भारत बुला लिया तथा उन्होंने टाटा कंपनी ज्वाइन कर ली। वर्ष 1929 में टाटा ने अपनी फ्रेंच नागरिकता त्याग दी तथा भारत की नागरिकता स्वीकार की। वर्ष 1930 में इन्होने थेलमा विकाजी से शादी कर ली।

करियर

जब टाटा टूर पर थे, वह अपने मित्र के पिता लुई ब्लेरियट से प्रभावित थे जिन्होंने पहली बार इंग्लिश चैनल पार किया था। और उन्होंने उड़ान भरना शुरू किया। 10 फरवरी वर्ष 1929 को भारत में जारी किया गया पहला लाइसेंस प्राप्त किया। वर्ष 1932 इन्होने टाटा एयरलाइन्स की स्थापना की जो आगे चलकर वर्ष 1946 में एयर इंडिया बनी। अब वह भारत की नेशनल एयरलाइन है। वर्ष 1945 में इन्होने टाटा मोटर्स की स्थापना की। टाटा ने अपने कर्मचारियों का बहुत ख्याल रखा। वर्ष 1987 में टाइटन इंडस्ट्रीज की स्थापना की।

मृत्यु

29 नवम्बर 1993 में किडनी इन्फेक्शन से स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में उनकी मृत्यु हो गयी। उनकी मृत्यु पर उनके सम्मान में भारतीय संसद स्थगित कर दी गयी थी ऐसा सम्मान आमतौर पर उनको दिया जाता है जो संसद के सदस्य हैं। उन्हें पेरिस के पेरे लचिस कब्रिस्तान में दफनाया गया। वर्ष 2012 में आउटलुक मैगज़ीन द्वारा छठे “द ग्रेटेस्ट इंडियन” का स्थान प्राप्त हुआ।

अवार्ड्स और सम्मान

  • पद्म विभूषण
  • भारत रत्न
  • Legion of Honour
  • Daniel Guggenheim Medal
  • Tony Jannus Award

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