क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग क्या है? – Cryptocurrency Mining in Hindi

इससे पहले की हम सीधा माइनिंग पर बात करें, आपको क्रिप्टोकरेंसी क्या होती है? इसके जुड़ी जरूरी बातें पता होनी चाहिए।

Heavy powers के hardware और cryptocurrency mining सॉफ्टवर्स के मदद से नए क्रिप्टोकर्रेंसी कोइन्स को बनाया जाता है। और peer to peer network, blockchain technology व cryptography के मदद से इस Decentralised currency को हर तरह से safe रखना ही cryptocurrency mining कहलाता है। इसके पीछे लगने वालों को miners कहते है। इसको दुनिया भर में अनगिनत miners के अनगिनत mining कम्प्यूटर्स या mining मशीने साथ मिलकर कंट्रोल करते है। ताकि कोई भी इस blockchain से खिलवाड़ न कर सके।

क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग क्या है? - Cryptocurrency Mining in Hindi

उदाहरण के तोर पे मानो A ने B को कुछ क्रिप्टोकर्रेंसी भेजा, तो उस ट्रांसजेक्शन को miners के जरिये ही कन्फर्म किया जाता है। क्रिप्टोकर्रेंसी को Decentralised रखने के पीछे इन्ही miners की अहम भागीदारी होती है। इन सभी सर्विस को देने के लिए इन्हें, हर ट्रांसजेक्शन पर कुछ क्रिप्टोकॉइन्स reward के रूप में दिए जाते है। जो की एक तरह से इनकी fees की तरह माना जाता है।

हालांकि उससे पहले आपको माइनिंग के एल्गोरिथ्म के साथ-साथ Mathematics में भी अच्छी पकड़ होना जरूरी है। जैसे की बिटकॉइन=SHA-256 ,Ethereum=Ethash और Dogecoin=Scrypt जैसे अल्गोरिथिम का इस्तेमाल करते है। अगर आपको यही नहीं पता रहेगा तो काफी परेशानियों से होकर गुजरना पड़ सकता है। ठीक वैसे ही mining सॉफ्टवेयर को अच्छे से run करने के लिए heavy power कम्प्यूटर्स का भी होना जरूरी है।

माइनिंग के तरीके

1. Solo Mining 

Solo mining का मतलब अकेले ही अपने सिस्टम को काम पे लगाना। एक तरह से solo mining को hard माना जाता है। क्योंकि अकेले माइनिंग में कई सारे powerful कम्प्यूटर्स या माइनिंग मशीन की ज़रुरत पड़ती है, जो की काफी मँहगें और काफी बिजली खाने वाले होते है। और अगर आप इनकी व्यवस्था कर भी लेते हो, तो profit कमाना भी luck पर रहता है।

2. Pool Mining

Pool माइनिंग यानी की कई सारे miners एक साथ ग्रुप बना के माइनिंग करते है। जिसका plus point ये रहता है की सभी के कम्प्यूटर्स पे आने वाला भार आपस में बट जाता है। और काम आसानी से भी हो जाता हैं। जिससे ज्यादा मँहगे Systems की ज़रुरत नहीं रहती। रही बात profit की तो अगर group में से किसी एक को भी reward मिलता है तो वो पूरे ग्रुप में बाँटा जाता है। जिससे कम खर्च में ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है। पर कोशिश आपकी यही होनी चाहिए कि आप एक से ज्यादा मशीन लगायें। जिससे प्रोफिट बढ़ने का चांस बढ़ जाता है।

क्रिप्टोकर्रेंसी माइनिंग कैसे करे?

अगर आपको माइनिंग करनी है, तो सबसे पहले आपको mining में use होने वाले ASIC क्रिप्टोकर्रेंसी माइनिंग मशीन का लेना बहुत जरूरी है। फ़िलहाल माइनिंग में उपयोग होने वाले सबसे प्रसिद्ध ASIC मशीन का नाम (BITMAIN ANTMINER S5) है। हालांकि इसके बजाय आप कई सारे ग्राफिक्स कार्ड वाले कम्प्यूटर्स का भी इस्तेमाल कर सकते है। पर इन्हे माइनिंग के लिए नहीं बनाया जाता है। इसी वजह से ये माइनिंग की रफ़्तार को धीमा कर देते है। हालाँकि माइनिंग मशीन के दाम लगभग 30 हजार से लेकर लाखों तक होती है। इसी कारण से miners ने ग्राफिक्स कार्ड्स को ही आसान और सस्ता जुगाड़ बना दिया है। पर ग्राफिक्स कार्ड्स के इस तरह से मांग बढ़ने से वो भी महंगे हो गए है। जिससे लोगो में इन miners को लेकर नेगेटिव रुख ही रहता है।

दूसरी चीज इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप किस इलाके में रहते है और वहाँ की बिजली का क्या दाम है। क्योकि आप जब अपने सिस्टम को बिजली से जोड़ेंगे तो उसका बिल भी मोटा आना तय है। क्योंकि माइनिंग लगातार घंटों तक होती है। जिससे इसका ख्याल भी रखना बहुत जरूरी है की आप किस इलाके में है और वहां की बिजली आपके प्रॉफिट को कम तो नहीं करेगी। ये चीजें आपके प्रॉफिट पर काफी असर डालती है। जितना कम बिल आएगा उतना ही प्रॉफिट आपके पास ही रहेगा।

हालाँकि बिजली के खर्चे को कम भी किया जा सकता है। जैसे की कुछ उपाय मार्केट में पहले से उप्लब्ध है। FOR EXAMPLE = solar energy (सौर ऊर्जा ), wind energy (पवन ऊर्जा), hydro energy(पन बिजली ऊर्जा), tidal energy (ज्वारीय ऊर्जा) और  geothermal energy(भूतापीय ऊर्जा), biomass energy(बायोमास ऊर्जा) इनमें से कोई भी ऊर्जा आपके बिजली की इस प्रॉब्लम से दूर कर सकता है। जिससे mining से पर्यायवरण को कोई नुकशान नहीं होगा।

और तीसरी बात, आपको बिटकॉइन या कोई भी क्रिप्टोकर्रेंसी के माइनिंग के बारे में अच्छा नॉलेज होना बहुत जरूरी है। क्योंकि जबसे बिटकॉइन hype में आया है, उसी के साथ इसकी माइनिंग में भी लोगो ने बढ़चढ़ के हिस्सा लिया है। ढीक वैसे ही इसके प्रोसेस भी hard होते गए। कयोंकि जितने ज्यादा लोग माइनिंग करेगे उतना ही कम miners को profit होगा। यही कारण है की लोगो ने ट्रेड करना ज्यादा आसान समझा।

INDIA में क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग

2021 के इस टेक वाली दुनिया में भी भारत के कई गाँवो व कई शहरों में सिर्फ 5 से 10 घंटे ही बिजली रहती है। क्योंकि देश की अर्थ व्यवस्था आजादी से लेकर आजतक कभी भी इतनी नहीं रही की विकास की गति को बाढाया जा सके। और सरकारों के घोटाला करने की आदत ने सिर्फ बिजली ही नहीं बल्की देश के सभी जरूरी मामलों में विकाश नहीं हो सकना इन्ही कारणों का नतीजा है।

यही कारण है की भारत सरकर ने बिटकॉइन में ट्रेड करने को तो वैध घोषित किया है। परन्तु इसकी माइनिंग के लिए अभी भी नियमों को बनाये जा रहा है। या फिर फिलहाल ये कहना ज्यादा ठीक रहेगा की, अभी तक कोई नियम बना ही नहीं है। पर पिछले कुछ सालों में भारत के miners को mining के लिए जेल को हवा खानी पड़ी है। इसलिए एक्सपर्ट्स की माने तो जबतक भारत सरकार माइनिंग या बिटकॉइन को लेकर कोई नियम नहीं बना देती है, तब तक भारत में माइनिंग करना सेफ नहीं है।

इसीलिए भारत में क्रिप्टो माइनिंग मशीनों का आयात-निर्यात और बिक्री पूरी तरह अवैध है। अवैध होने के कारण इसकी कालाबाजारी भी धड़ल्ले से हो रही है। इसीलिए जो भी भारत में क्रिप्टो माइनिंग करते भी है वो फिलहाल तो कप्यूटर का use करते है। हालाँकि RBI के गवर्नर Mr. शक्तिकांत दास ने बिटकॉइन और फिलहाल जितने भी क्रिप्टोकर्रेंसी है उनको लेकर चिन्ता जताई है। और भारत सरकार को अघाह भी किया है की इसके प्रति जल्द से जल्द कड़े एक्शन और नियमों को लाना ही उचित रहेगा रहेगा।

निष्कर्ष

ऊपर बताई गयी सारी बातों का अगर निष्कर्ष निकला जाय तो कुछ points बनते है:

  • क्रिप्टो माइनिंग का मतलब नए सिक्के बनाना और उनको safe रखना
  • माइनिंग करने का दो तरीका है: pool mining और solo mining
  • किससे माइनिंग करनी है ? ASIC मशीन से या फिर GPU यानि की कम्प्यूटर से
  • जितने ज्यादा miners उतना कम profits
  • भारत में mining को लेके कोई कानून नहीं है पर ट्रेड को वैध माना जाता है

में आशा करता हु की इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप अच्छे से समझ गए होंगे की क्रिप्टोकोर्रेंसी माइनिंग क्या है और कैसे की जाती है। अगर आपके दिमाग में कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है।

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